Saturday, 3 March 2018



साथ आज भी हैं...

Related image

कुछ टूटा था उस दिन

के गूँज उसकी कानो में आज भी है 

हर ज़र्रे को मानो                          

तेरी तलाश आज भी है!                              


छुप कर देखता है आज भी वो कोना

क्या वो झलक आज भी है 

बन्द दरवाजो में रोशनी तेरी

चमकती आज भी है!


एक अजीब सा सिलसिला था वो भी

बात तो कोई थी नहीं 

पर बातें याद आज भी है

तेरी हलकी हलकी सी वो हंसी

मेरे लबों पर सजी सी है!


इक अजीब सा सकूँ था उस वक़्त में 

जिसका हाथ थामे चलते हम आज भी है

 कुछ देर के लिए ही सही                                                                        स्मृति     

तेरा वो वक़्त मेरा आज भी है !

No comments:

Post a Comment